प्यार है तुम्हें मुझसे, काश ! ये कह दिया होता तुमने थोड़े क़रीब आके । प्यार है तुम्हें मुझसे, काश ! ये कह दिया होता तुमने थोड़े क़रीब आके ।
खुद को भुला के चाहूँ जो जीना किसी के लिए, मेरी ज़िंदगी पे उठे क्यों सवाल इतने? छोड़ क खुद को भुला के चाहूँ जो जीना किसी के लिए, मेरी ज़िंदगी पे उठे क्यों सवाल इतने...
क्यूँ सुनती हूँ ? क्यूँ चलना चाहती हूँ,? तुम्हारे अनुसार? क्यूँ सुनती हूँ ? क्यूँ चलना चाहती हूँ,? तुम्हारे अनुसार?
काश! समंदर पर दरिया को ऐतबार न होता। काश! साहिलों को कश्ती का इंतज़ार न होता।। काश! समंदर पर दरिया को ऐतबार न होता। काश! साहिलों को कश्ती का इंतज़ार न होता।।
तुम हो या ना हो.. तुम्हे याद करता हूँ ना.. तुम हो या ना हो.. तुम्हे याद करता हूँ ना..
तुमसे दूर तुमसे दूर